कर दिया है अब तो पागल, मोहब्बत के इस आलम ने
सारी हदें पार कर दी, आज तो इस पगले दीवाने ने
लाख भूलना चाहा पर, वो बसी है मेरी सासों में
आज तो उसको बोल हि दूंगा, नहीं डर मुझे अब ज्ञमाने से
लगता है जैसे हो कोई रिश्ता, उसका जन्मो जन्मो से
देखा है उसको मैने शायद, हर रात अपने सपनों में
झेल लुंगा सारे गम मैं, जो होगी वो मेरी बाहों में
आज तो उसको बोल हि दूंगा, नहीं डर मुझे अब ज्ञमाने से